December 15, 2020
बस यूँ ही चलते चलते by atul kumar

बस यूँ ही चलते चलते

तेरी सादगी किसी ताबीज़ की तरह है  दिखती है तेरे अक्स पर और असर हर किसी के रूह पर कर जाती है  --------------------------- रास्ते भी तूने […]
December 15, 2020
वो चार दिन by author atul kumar

वो चार दिन

वो चार दिन और सर्द में डूबी वो सुबह और शाम, बेफ़िक्री और मसरूफियत से भरी मुलाकातें जज्बातों का वो मखमली एहसास और तेरा साथ। घने […]
December 15, 2020
मेरी प्रेरणा हो तुम... poem by atul kumar

मेरी प्रेरणा हो तुम…

शब्दों की माला में काश मैं पिरो पाता तेरे नाम का मतलब लफ़्ज़ों में काश बता पाता तनाबुना अल्फाज़ो का और धड़कनों का हिसाब किताब काश […]
December 15, 2020
लोग कहते हैं by atul kumar

लोग कहते हैं

मिले हैं जब से आपसे, खुद को ही ढूंढ रहे हैं लोग कहते हैं कि हम अपनी पहचान भूल गए बड़ी ही संजीदगी से चुराया है […]
December 15, 2020
सब कुछ तो दिया आपने बीन कहे बिन मांगे by atul kumar

सब कुछ तो दिया आपने बिन कहे बिन मांगे

हमेशा दिया है आपने,बिन कहे बिन मांगे जो बस में था वो भी और जो न था वो भी। बचपन की गलियारों में खोये हुए मेरे […]
December 15, 2020
मेरा अक्स,मेरा आइना ....... by atul kumar

मेरा अक्स,मेरा आइना …….

मेरा अक्स है तू, मेरा आइना है तू कुछ नहीं मेरा मुझमें, मेरे दिल का आशियाना है तू। खोकर फिरसे पाया है मैंने खुद को मेरी […]