December 15, 2020
नोट का दंश by atul kumar

नोट का दंश

बैंक और एटीएम के बाहर लगी है लंबी कतार हॉस्पिटल के बाहर सड़कों पर पड़े है हज़ारो बीमार ठेलमठेल भीड़ भरी है राशन की दुकानों में […]
December 15, 2020
ये एहसास हुआ by atul kumar

ये एहसास हुआ

माँ के आँचल में बंधे रहते थे जो कागज के चंद टुकड़े आज घर का चूल्हा जला तो कागज की तपिश का एहसास हुआ एक अरसे […]
December 15, 2020
रस्म होली की, प्यार रंग का by atul kumar

रस्म होली की, प्यार रंग का

किस रंग से रंगूं, किस रंग से सजाऊँ मैं तुमको, चढ़ेगा कौन सा रंग तुमपे ये बताओ हमको सारे रंग इंद्रधनुष के तो, मेरे बदरंग जिंदगी […]
December 15, 2020
कितने जिद्दी थे न पापा by atul kumar

कितने जिद्दी थे न पापा

कितने जिद्दी थे न पापा, चले गये और लौट के भी न आये उस दिन शाम को आंगन में जाने क्यों इतनी भीड़ उमड़ी थी, फिर […]
December 15, 2020
पर आप न आये पापा by atul kumar

पर आप न आये पापा

जेठ की दुपहरी से नहाती सुनसान सड़के उन सड़को पे घूमता वो कुल्फी का रेहड़ी वाला घर के आंगन में चादर पे बिछी कच्ची अमिया गलियारे […]
December 15, 2020
मेरे सपनों की परी by atul kumar

मेरे सपनों की परी

वो आई थी उस सुबह अपनी मुट्ठी में, जहान भर की खुशियां भरकर आकाश में मेरे सपनों के पंख लगा दूर देश से आयी थी मेरे […]