लोग कहते हैं by atul kumar
लोग कहते हैं
December 15, 2020
वो चार दिन by author atul kumar
वो चार दिन
December 15, 2020
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मेरी प्रेरणा हो तुम…

मेरी प्रेरणा हो तुम... poem by atul kumar
शब्दों की माला में काश मैं पिरो पाता
तेरे नाम का मतलब लफ़्ज़ों में काश बता पाता
तनाबुना अल्फाज़ो का और धड़कनों का हिसाब किताब काश तुम्हे समझा पाता

मेरे दिल में बसे तेरे तस्बीर को काश मैं दिखा पाता।
अनगिनत से ख्वाब हैं, कुछ अनबुझे और अनकहे ,
सबकी ताबीर तुझसे ही है काश मैं ये बता पाता
एक रंग है तेरा उसमे एक रंग है मेरा उसमे,
उन दोनों रंगो से बना वो हसींन सपना
अपने आँखों के इस ख़ामोशी में काश तुझे दिखा पाता

... नाम से ही शुरू, ... नाम से ही ख़तम हर रास्ता,
हर चाहत,हर मंजिल,हर ख्वाहिश
इस नाम से जुड़ा मेरा रिश्ता काश मैं बता पाता
मेरा अस्तित्व है तेरे नाम से,
काश इस एहसास को मैं जता पाता

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