सिसकियाँ....एक एहसास by atul kumar
सिसकियाँ….एक एहसास
December 15, 2020
मेरा अक्स,मेरा आइना ....... by atul kumar
मेरा अक्स,मेरा आइना …….
December 15, 2020
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कौन हो तुम …..

कौन हो तुम ..... by atul kumar
जिंदगी के इस मोड़ पर जो मिले हो तुम
दिल में एक सवाल उठा कौन हो तुम?
भीड़ में खोया हुआ, शोर में घिरा हुआ था मै
इस खामोश दिल में छिपे हुए कौन हो तुम

जिंदगी की वो किताब अधूरी सी बेरंग सी थी
उन पन्नों में रंग भरने आये कौन हो तुम?
खामोश लबों पर अधूरी सी कहानी थी एक
उनको अपने होठों पर गुनगुनाने आये कौन हो तुम?

अधूरा था मै, अधूरी सी ख्वाहिशें,
उनको पूरा करने आये कौन हो तुम?
फिर से अंगड़ाई लेने लगे ख्वाब मेरे ,
फिर से सजे है बिखरे सपने |
मेरे आंसुओ को अपने पलकों पर सजाकर ,
मेरे सपनों को अपना बनाने आये कौन हो तुम?

खो चूका था जो मुस्कराहट,
उसको अपने चेहरे पे सजाने आये कौन हो तुम?
कई सवाल थे दिल में जाने कब से,
अब हर सवाल का जवाब हो तुम?
बस तुम हो.... बस तुम ही हो,
वो औए कोई नहीं ... वो हो तुम।

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